प्रेमिका की चूत चुदाई के वो हसीन पल
(Premika Ki Chut Chudai Ke Vo Hasin Pal)
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार।
मेरा नाम आकाश है, मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। मेरा कद 5'11" है और मेरा लिंग का नाप 7″ है… मेरी उम्र 27 वर्ष है।
मैंने अन्तर्वासना की सभी कहानियाँ पढ़ी हैं। आज मैं आप सभी के लिए अपनी पहली और सच्ची कहानी लेकर आया हूँ, आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद आएगी।
बात उस समय की है.. जब मेरी उम्र 21 वर्ष की थी और मैं कॉलेज में था। मैं शुरू से ही पढ़ने में होशियार था.. और अपनी क्लास में सबसे आगे रहता था। इसलिए अक्सर जब भी किसी को पढ़ाई से सम्बन्धित कोई काम होता तो वो मुझे बोलता था।
मेरी ही क्लास में एक लड़की थी.. जिसका नाम शिवानी था। वो दिखने में एकदम खूबसूरत अप्सरा सी थी,सारा कॉलेज उस पर लाइन मारता था, जब वो मटक-मटक कर चलती थी तो हर कोई उस पर फ़िदा हो जाता था। उसका फिगर 34-30-36 रहा होगा।
जब भी मैं उसे देखता तो मैं उसे देखता ही रह जाता था और मैं मन ही मन उसे प्यार करने लगा था.. पर उसे अपने दिल की बात बताने की कभी हिम्मत नहीं कर पाया।
शायद भगवान को कुछ और मंजूर था वो दिन मुझे आज भी याद है। उस दिन मेरा जन्मदिन था और मैं अपनी बाइक से कॉलेज जा रहा था।
तभी मैंने देखा कि शिवानी अकेली कॉलेज के लिए जा रही थी, मैंने सोचा मौका सही है.. क्यों ना आज अपना दिल की बात बोल दी जाए।
मैंने उसके पास जाकर उससे कहा- क्या मैं तुम्हें कॉलेज तक छोड़ सकता हूँ?
तो उसना कहा- ठीक है।
वो मेरे साथ चल पड़ी.. वो मुझसे चिपक कर बैठी थी.. और मैं उसके सीने के उभारों को महसूस कर सकता था।
मुझे खुद पर काबू करना मुश्किल हो गया था.. पर मैंने अपना आप पर नियंत्रण रखा।
उसने बात करनी शुरू की.. बातों-बातों में मैंने उसे बताया कि आज मेरा जन्मदिन है.. तब उसने मुझे जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
मैंने उससे कहा- मैं आज तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।
'कहो?'
मैंने अपने दिल की बात बोल दी कि मैं उसे पसंद करता हूँ और उससे प्यार करता हूँ.. पर उसने कुछ नहीं कहा और चली गई।
एक पल के लिए मुझे लगा कि मैंने गलत कर दिया.. पर कुछ देर बाद जब हमारी क्लास लगी.. तो उसने मुझे एक ख़त दिया.. जिसमें लिखा था कि मैं कब से तुम्हारे इस प्रपोजल इंतजार कर रही थी.. मैं भी तुम्हें पसंद करती हूँ।
मुझे तो जैसे मन मांगी मुराद मिल गई।
इस तरह हम एक-दूसरे के करीब आ गए और बातों का सिलसिला शुरू हो गया। अब अक्सर हम कॉलेज से कहीं ना कहीं निकल जाते और खूब मस्ती करते।
एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया.. उस दिन उसके घर कोई नहीं था.. सब किसी रिश्तदार की शादी में गए थे।
जैसे ही मैं उसके घर गया तो उसने दरवाजा खोला.. उस दिन क्या लग रही थी.. उसने मिनी स्कर्ट और गुलाबी रंग का टॉप पहना हुआ था।
मैं तो उसे देखता रह गया.. आज वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी।
मैंने जाते ही उसे गले से लगा लिया और चूमने लगा। हमारा ये चुम्बन 10 मिनट चला होगा.. उसके होंठ पूरी तरह से लाल हो चुके थे।
हम अब भी एक-दूसरे से चिपके हुए थे.. और हमारी साँस से साँस मिल रही थी।
तब मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ..
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