मेरी गर्लफ्रेंड सुमन की चुदाई


मेरा नाम कनसिंह है। मैं २५ साल का हूं। मेरी गर्लफ़्रेंड का नाम सुमन है वो २२ साल की है और उसकी फ़ीगर तो ऐसी थी कि पूछो मत। वो बहुत ही सुंदर है, एकदम गोरी चिट्टी लम्बे लम्बे काले बाल, हाइट करीब ५'६" और फ़ीगर ३६-२५-३८ है। उसका फ़ीगर मस्त है। हम दोनो घर से बाहर एक ही रूम में रह कर पढ़ते थे। मैं ने रूम में पढ़ने के लिये कुछ गंदी किताबें रखी हुई थी। जो एक दिन सुमन हाथ लग गयी। इसलिये मैं अपने लंड और वो अपनी चूत की प्यास नहीं रोक सके। वो बोली मैं ही तुम्हारी वाइफ़ बन जाती हूं और मुझे अपनी ही समझो और मेरे साथ सेक्स करो। वो जींस शर्ट में आयी और बोली चलो शुरू हो जाओ। उसने मुझे किस करना शुरु कर दिया मेरे लिप्स को वो बुरी तरह से किस करने लगी। मैं भी जोश मे आ गया और उसको किस करने लगा। और उसको अपनी बाहों मे दबाने लगा। उसको मैं ने खींच के बेड पे लिटा दिया और मैं उसके ऊपर आ गया और उसको चूमना शुरु कर दिया। ५ मिनट तक मैं उसको चूमता रहा।

फिर मैं ने उसका शर्ट खोल दिया । उसके बाद मैं ने उसकी ब्रा भी खोल दी। जैसे ही मैं ने ब्रा खोली तो उसके दूध उछल के बाहर आ गये मैं उसे देखकर उसको दबाने लगा। कितने दिनो के बाद इसके पूरे के पूरे बूब्स देखने को और दबाने को मिले फिर मैं ने उसकी निप्पल को मुंह मे रख दिया और चूसने लगा वो आआहहाआआहह्हहाहह कर रही थी। मैं उसे चूसता ही रहा थोड़ी देर बाद मैं ने उसकी जींस खोल कर उसको पैंटी पे ला दिया उसकी चूत बहुत गरम हो गयी थी तो उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मैं ने पैंटी को निकाल के उसकी चूत को फैला के चाटने लगा। वो सिसकारी भर रही थी। अहाआआ अस्सशहस आआअहहस्स स्सशाआ आआहस्सह्हस्सस अहह ह्हह्हह हस्साआ आअह्ह ह्हहा हहाआ हहाहह…वो मेरे लंड को हाथ में लेकर खींच रही थी और कस कर दबा रही थी।

फिर सुमन ने कमर को ऊपर उठा लिया और मेरे तने हुए लंड को अपनी जांघो के बीच लेकर रगड़ने लगी। वो मेरी तरफ़ करवट लेकर लेट गयी ताकि मेरे लंड को ठीक तरह से पकड़ सके। उसकी चूची मेरे मुंह के बिल्कुल पास थी और मैं उन्हे कस कस कर दबा रहा था। अचानक उसने अपनी एक चूची मेरे मुंह मे ठेलते हुए कहा, चूसो इनको मुंह में लेकर। मैं ने उसकी लेफ़्ट चूची मुंह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा। थोड़े देर के लिये मैं ने उसकी चूची को मुंह से निकाला और बोला, मैं हमेशा तुम्हारी कसी चूची को सोचता था और हैरान होता था। इनको छूने की बहुत इच्छा होती थी और दिल करता था कि इन्हे मुंह में लेकर चूसूं और इनका रस पीऊं। पर डरता था पता नहीं तुम क्या सोचो और कहीं मुझसे नाराज़ न हो जाओ। तुम नहीं जानती सुमन कि तुमने मुझे और मेरे लंड को कितना परेशान किया है? अच्छा तो आज अपनी तमन्ना पूरी कर लो, जी भर कर दबाओ, चूसो और मज़े लो; मैं तो आज पूरी की पूरी तुम्हारी हूं जैसा चाहे वैसा ही करो, सुमन ने कहा। फिर क्या था, सुमन की हरी झंडी पाकर मैं जुट पड़ा सुमन की चूची पर।